Sonam Wangchuk hospitalised LIVE: 21वें दिन बिगड़ी तबीयत, जंतर-मंतर पर भारी बवाल और पुलिस का एक्शन!

🚨 BREAKING NEWS: जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के 21वें दिन एक बड़ा मोड़ आ गया है। Sonam Wangchuk hospitalised होने की खबर से देशभर में हड़कंप मच गया है। तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल में शिफ्ट कर दिया है, जबकि धरना स्थल पर भारी बवाल देखने को मिला है।

लद्दाख के पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन शनिवार को अपने 21वें दिन में प्रवेश कर गया। नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर चल रहे इस आंदोलन में अब हालात बेहद नाजुक हो गए हैं। इंटरनेट पर Sonam Wangchuk hospitalised की खबरें तेजी से वायरल हो रही हैं, क्योंकि उनके स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंताएं जताई जा रही हैं।

शनिवार सुबह उनकी तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलने के बाद दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने तत्काल कार्रवाई की। Sonam Wangchuk hospitalised होने के बाद जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है。

JANTAR MANTAR PROTEST LIVE
DAY 21: WANGCHUK IN HOSPITAL
सफदरजंग अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड में चल रहा है इलाज

Sonam Wangchuk hospitalised: अस्पताल से क्या है मेडिकल अपडेट?

Sonam Wangchuk hospitalised होने के बाद उनके चाहने वाले लगातार उनके स्वास्थ्य की जानकारी मांग रहे हैं। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी और आधिकारिक बयानों के अनुसार, उनके स्वास्थ्य से जुड़े मुख्य अपडेट इस प्रकार हैं:

  • सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल (Safdarjung Hospital) के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है।
  • वह फिलहाल होश में हैं (conscious) और उनके वाइटल पैरामीटर्स (vital parameters) स्थिर बने हुए हैं।
  • अस्पताल में उनकी देखभाल के लिए विशेष रूप से दो डॉक्टरों और दो पैरामेडिक्स (paramedics) की टीम तैनात की गई है।
  • डॉ. सतीश लांबा (Dr. Satish Lamba) ने पुष्टि की है कि वांगचुक स्थिर हैं, लेकिन उन्होंने लंबे उपवास के कारण ‘हाइपोकैलेमिया’ (hypokalemia) के खतरे की चेतावनी दी है।

दिल्ली पुलिस ने एक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि यह कदम दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों और मेडिकल एक्सपर्ट्स की सलाह के अनुपालन में उठाया गया है, ताकि उन्हें “आवश्यक चिकित्सा देखभाल” (essential medical care) मिल सके。

शरीर का 20% हिस्सा खत्म: Sonam Wangchuk hospitalised होने से ठीक एक दिन पहले, उन्होंने एक वीडियो संदेश में बताया था कि वह अभी जिंदा हैं लेकिन उनके शरीर का 20 प्रतिशत हिस्सा खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा, “फैट (fats) और मांसपेशियां (muscles) खत्म हो चुकी हैं। इसके बाद अंगों (organs) की बारी है। और अंत में, दिमाग (brain)। हालांकि अभी वह समय नहीं आया है”।

जंतर-मंतर पर बवाल: पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प

एक तरफ Sonam Wangchuk hospitalised हुए, तो दूसरी तरफ जंतर-मंतर पर भारी हंगामा खड़ा हो गया। CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के संस्थापक अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्होंने वांगचुक को जबरन धरना स्थल से हटाया और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई (cracking down) की।

स्थिति तब और बिगड़ गई जब अभिजीत दिपके के भूख हड़ताल शुरू करते ही एक महिला ने उन पर ‘स्याही जैसा तरल पदार्थ’ (ink-like liquid) फेंक दिया, जिससे वहां भारी अफरा-तफरी (commotion) मच गई。

हालाँकि, DCP नई दिल्ली ने स्पष्ट किया कि वांगचुक के रूटीन मेडिकल चेकअप के लिए सुबह डॉक्टर पहुंचे थे, लेकिन कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर बाधा (obstructions) उत्पन्न की, जिससे विवाद हुआ। पुलिस ने वहां मौजूद लोगों से शांतिपूर्वक धरना स्थल खाली करने की भी अपील की है。

अन्य प्रदर्शनकारी छात्रों (AISA) की हालत भी गंभीर

Sonam Wangchuk hospitalised होने के अलावा, AISA (All India Students’ Association) के तीन अन्य कार्यकर्ताओं की हालत भी बेहद चिंताजनक हो गई है। नेहा, आमीन और मनीष ने भी शुक्रवार को अपनी भूख हड़ताल के 20 दिन पूरे कर लिए थे。

प्रदर्शनकारी का नाम वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति (Medical Condition)
नेहा (Neha) ब्लड शुगर लेवल गंभीर रूप से गिर गया है। डॉक्टरों ने तत्काल अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी है।
आमीन (Aameen) यूरिक एसिड का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है। शरीर का लगभग 14% वजन घट चुका है।
मनीष (Manish) 10 किलो से अधिक वजन कम हुआ है। लगभग बेहोशी (near-unconsciousness) के दौरे पड़ रहे हैं, रूटीन कार्यों के लिए भी मदद की जरूरत है।

राजनीतिक घमासान और सुप्रीम कोर्ट में याचिका

Sonam Wangchuk hospitalised होने की घटना ने एक बड़े राजनीतिक तूफान को जन्म दे दिया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल (KC Venugopal) ने सरकार की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने के बजाय, उन्होंने वांगचुक को ही हटा दिया। उन्होंने मानसून सत्र से पहले प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई。

MNS नेता अमित ठाकरे (Amit Thackeray) ने इस पुलिस कार्रवाई को ‘लोकतंत्र का सबसे काला दिन’ (darkest day in democracy) करार दिया। इस बीच, वांगचुक को धरना स्थल से हटाए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का दरवाजा भी खटखटाया गया है। एक लेटर पिटीशन (letter petition) दायर कर इसे जनहित याचिका (PIL) का दर्जा देने की मांग की गई है ताकि सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता (transparency) और जवाबदेही (accountability) सुनिश्चित की जा सके。

इससे पहले शुक्रवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और NCP (SP) सांसद सुप्रिया सुले ने धरना स्थल का दौरा किया था। उससे एक दिन पहले AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल, सपा सांसद डिंपल यादव और किसान नेता राकेश टिकैत भी वांगचुक से मिलकर अपना समर्थन जता चुके हैं。

निष्कर्ष (Conclusion)

भले ही आज Sonam Wangchuk hospitalised हो गए हों, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वह पीछे नहीं हटेंगे (not backing down)। उन्होंने देशवासियों से 20 जुलाई को CJP द्वारा प्रस्तावित “संसद चलो” (Chalo Sansad) मार्च में भारी संख्या में जुड़ने की अपील की है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में क्या रुख अपनाता है। सुप्रीम कोर्ट की लाइव कॉज लिस्ट और न्यायिक आदेशों की आधिकारिक जानकारी के लिए आप Supreme Court of India की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं। Sonam Wangchuk hospitalised होने और इस विरोध प्रदर्शन के हर पल के अपडेट के लिए नेशनल समाचार के साथ जुड़े रहें।

FAQs: Sonam Wangchuk Protest & Hospitalisation

सोनम वांगचुक को किस अस्पताल में भर्ती कराया गया है?
तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल (Safdarjung Hospital) के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया है।
जंतर-मंतर पर अभिजीत दिपके के साथ क्या हुआ?
CJP के अभिजीत दिपके द्वारा भूख हड़ताल शुरू करते ही एक अज्ञात महिला ने उन पर स्याही जैसा तरल पदार्थ (ink-like liquid) फेंक दिया, जिससे वहां भारी अफरा-तफरी मच गई।
वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर डॉक्टरों ने क्या चेतावनी दी है?
डॉ. सतीश लांबा ने उनके स्थिर होने की पुष्टि की है, लेकिन लंबे उपवास के कारण शरीर में ‘हाइपोकैलेमिया’ (hypokalemia) के खतरे की गंभीर चेतावनी दी है।
सोनम वांगचुक ने ‘संसद चलो’ मार्च कब बुलाया है?
सोनम वांगचुक ने देशभर के लोगों से 20 जुलाई को प्रस्तावित “संसद चलो” (Chalo Sansad) मार्च में शामिल होने की जोरदार अपील की है।
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Vikas Patel

विकास पटेल 'National Samachar' के संस्थापक (Founder) और मुख्य संपादक (Editor-in-Chief) हैं। डिजिटल जर्नलिज्म में 7 वर्षों से अधिक के गहरे अनुभव के साथ, वे मुख्य रूप से एजुकेशन (Education), सरकारी नौकरी (Govt Jobs), और सरकारी योजनाओं की सटीक रिपोर्टिंग के विशेषज्ञ हैं। विकास का मुख्य उद्देश्य छात्रों और आम नागरिकों तक बिना किसी भ्रम के 100% प्रामाणिक (Authentic), निष्पक्ष और सबसे तेज़ जानकारी पहुँचाना है।

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