फिर होगी मजदूरों पर राजनीति

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Umesh Chaturvedi (National Samachar) : आजादी के वक्त हमारे देश की जनसंख्या करीब 36 करोड़ थी। बंटवारे के बाद हमारे हिस्से जहां 33 करोड़ की आबादी आई, वहीं तीन करोड़ पाकिस्तान के हिस्से गया।
अब हम 33 करोड़ से बढ़ते-बढ़ते 135 करोड़ से भी ज्यादा हो गए हैं। औद्योगिक केंद्रों और महानगरों से जिन मजदूरों ने लाचारीवश अपने घर का रूख किया है, उसमें सबसे ज्यादा संख्या उत्तर प्रदेश और बिहार की है। उत्तर प्रदेश की आबादी वैसे ही 23 करोड़ है, जबकि बिहार की करीब दस करोड़ से ज्यादा। यानी देश की आजादी के वक्त जितनी आबादी थी, उतनी तो इन दिनों सिर्फ इन्हीं दो राज्यों में है।
उत्तर प्रदेश का दावा है कि उसके यहां करीब 12 लाख मजदूर लौटे हैं, जबकि करीब पांच लाख बिहार। जैसी दोनों राज्यों की जनसंख्या की स्थिति है, यह संख्या ज्यादा ही हो सकती है, कम नहीं..
अब सोचने की बात यह है कि अगर इन राज्यों में पहले से मजबूत आर्थिक ढांचा और रोजगार के साधन होते तो इन लोगों को अपने राज्यों से सैकड़ों-हजारों किलोमीटर दूर क्यों जाना पड़ता?
स्पष्ट है कि इतनी जल्दी कोई भी राज्य सरकार मूल निवासों के आसपास भरपूर रोजगार के साधन मुहैया नहीं करा सकती और ना ही आर्थिक ढांचा तैयार हो सकता है..
वैसे गांव पहुंचे मजदूरों के चलते पारिवारिक और सामाजिक तनाव की खबरें सामने आने लगी हैं..
बेशक गांवों में राशन मिल रहा है, लेकिन सिर्फ राशन से जिंदगी नहीं चलती..जिंदगी की दूसरी सहूलियतों के लिए रोजगार चाहिए..
इस बीच कारोबारी और औद्योगिक केंद्रों में कामकाज शुरू हो गया है या हो रहा है..लेकिन वहां मजदूर और काम करने वाले हाथ ही नहीं हैं..
इसलिए कुछ महीने बाद राजनीति शुरू होगी इन्हीं मजदूरों को वापस औद्योगिक और कारोबारी केंद्रों पर लाने की..
कारपोरेट और कारोबार सेक्टर इसके पीछे होगा..वही शक्तियां फिर राजनीति करेंगी, जिन्होंने लॉकडाउन को फेल करने के नजरिए से मजदूरों की वापसी को मुद्दा बनाया..
इसलिए भारतीय मीडिया जगत को तैयार रहना चाहिए..कुछ ही महीनों बाद उसे मसाला मिलेगा..औद्योगिक केंद्रों पर मजदूरों की वापसी को लेकर..
स्थानीय हालात के चलते मजदूर और कामगार भी चाहेगा लौटना…लेकिन तब भी वह खाली हाथ ही होगा.. इसलिए राजनीति की भरपूर संभावना बन रही है..
चार्वाक दर्शन के मुताबिक राजनीतिक ढांचा चैरेवेति चैरेवेति करता रहेगा..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *