सुदीक्षा भाटी के नाम पर बनेगा प्रेरणा स्थल और लाइब्रेरी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से घरवालों ने मुलाकात की

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National Samachar : अपनी योग्यता के दम पर पौने चार करोड़ की स्कॉलरशिप हासिल कर पढ़ाई के लिए अमेरिका तक पहुंचने वाली सुदीक्षा भाटी के माता-पिता ने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके आवास पर मुलाकात की और अपना दर्द साझा किया। उनके साथ दादरी विधायक तेजपाल नागर और राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर भी थे। मुख्यमंत्री ने सुदीक्षा की मौत को देश और समाज के लिए अपूर्णनीय क्षति बताया। इस मौके पर उन्होंने सुदीक्षा के नाम पर प्रेरणा स्थल और लाइब्रेरी बनवाने का ऐलान किया है। कहा कि इससे क्षेत्र के बच्चों को आगे बढ़ने और पढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। सीएम ने सुदीक्षा के परिवार को 15 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। वहीं, पांच लाख रुपए सांसद सुरेंद्र नागर देंगे। सीएम ने पिता जितेंद्र भाटी से परिवार के कामकाज की जानकारी ली। सीएम ने कहा कि सुदीक्षा देश की बेटी थी। उसके जाने का दुख हम सबको है। हिम्मत से काम लें। इस दौरान परिवार का दुख भी उनकी आंखों से बाहर आ गया। डबडबाई आंखों के साथ पिता ने कहा कि सुदीक्षा बेहद मेधावी थी और अभावों के बीच भी पढ़ने के प्रति लगनशील थी। एक ही कमरे में पूरा परिवार रहता था, फिर भी पढ़ाई करती रहती थी। सुदीक्षा की मां और पिता ने मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने उनकी बातों को सुना। परिजन का कहना था कि सुदीक्षा के नाम पर सीएम ने जो कुछ करने के लिए सहमति जताई, यह हमारे लिए संतोष का विषय है। ग्रेटर नोएडा के दादरी थाना क्षेत्र के डेयरी स्कैनर गांव की रहने वाली सुदीक्षा बीते 10 अगस्त को अपने चचेरे भाई निगम भाटी के साथ बुलंदशहर में ननिहाल जा रही थी। लेकिन औरंगाबाद थाना क्षेत्र में अचानक सामने आए बुलेट सवार के ब्रेक लगाने से निगम बाइक पर संतुलन खो बैठा था। सुदीक्षा की इस हादसे में मौत हो गई थी। पिता जितेंद्र ने आरोप लगाया था कि बुलेट सवार दो युवक सुदीक्षा के साथ छेड़खानी कर रहे थे। हालांकि तहरीर में इस बात का जिक्र नहीं था। सुदीक्षा के पिता जितेंद्र भाटी चाय बेचकर परिवार का गुजारा करते हैं। बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद सुदीक्षा ने अपनी मेहनत के बलबूते भारत सरकार से स्कॉलरशिप हासिल की थी। वह अमेरिका के बॉबसन कॉलेज में बिजनेस मैनेजमेंट का कोर्स कर रही थी। उसे एचसीएल की तरफ से 3.80 करोड़ की स्कॉलरशिप मिली थी। सुदीक्षा जून में भारत लौटी थी और उसे 20 अगस्त को अमेरिका लौटना था।

रिपोर्ट : राहुल सिंह

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