शनिवार के दिन सरसों का तेल जरूरतमंदों और गरीबों लोगो को दान करना चाहिए : आचार्य देवेंद्र

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हमारे सनातन धर्म के मान्यता के अनुसार प्रत्येक शनिवार को शनिदेव की कृपा प्राप्त करने के लिए शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए सरसों का तेल चढ़ाया जाता क्या इससे शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है, इस पर आचार्य देवेंद्र बताते है की यह प्रथा हमारे प्राचीन ऋषि मुनियों के समय से ही चली आ रही है क्योंकि उस समय विद्युत का युग नहीं था इसलिए शनिवार के दिन शनि के तेल का दान लिया जाता था और एक मंत्र दिया जाता था शनै चर यह मंत्र के रूप में ऋषि मुनियों के द्वारा दिया गया मंत्र है जिसका अर्थ होता है धीमे चलें और यही मंत्र कालांतर के बाद शनिवार के रूप में हमारे सप्ताह के 1 दिन के रूप में पहचाने जाने लगा है और यह मंत्र आज भी दिया जाता है धीरे चलिए सुरक्षित चलिए और शनिवार के दिन यह दान लिया हुआ तेल राहगीरों के आने जाने के लिए रहा में दीप जलाकर प्रकाश की व्यवस्था की जाती थी परंतु आज के विद्युत युग में रहा मैं अब विद्युत लैंप लग गए हैं इसलिए अब यह व्यवस्था आवश्यकता नहीं रही है इसलिए यदि हम शनिवार के दिन शनिदेव पर तेल चढ़ाने की वजह यह तेल जरूरतमंदों को ब्राह्मणों को अगर दान दे दिया जाए तो इससे शनिदेव की कृपा भी प्राप्त होगी और शनिदेव प्रसन्न भी होंगे और आज सरसों के तेल की जो महंगाई तेजी से व्याप्त हो रही है इस पर भी लगाम लग जाएगी तथा हमारे भारत में जितना तेल 1 सप्ताह में शनि देव पर चढ़ा दिया जाता है उतना तेल अमेरिका की 1 महीने का बजट है क्योंकि शनि देव एक देवता हैं और देवता किसी की मदद करने से किसी की सहायता करने से प्रसन्न होते हैं और यदि आपको शनिदेव की कृपा हकीकत में ही पानी है तो शनिवार के दिन सरसों का तेल जरूरतमंदों को गरीबों को ब्राह्मणों को दान करें इससे आपकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होगी।

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