झारखंड में सावन के आखिरी सोमवारी पर शर्तों के साथ खुला बाबा बैद्यनाथ मंदिर, गाइडलाइन का पालन कर भक्तों ने किए दर्शन

National Samachar : सावन के आखिरी सोमवार के मौके पर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम भक्तों के लिए खोला गया। इस दौरान मंदिर के पंडा और भक्तों ने कोविड से जुड़ी गाइडलाइन का पालन कर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। सुबह पांच बजे के बाद से ही स्थानीय भक्तों का मंदिर परिसर में पूजा के लिए पहुंचना शुरू हो गया। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर सुबह 5:15 बजे से 6:30 बजे तक ही खुला रहा। इस दौरान भक्तों को जलार्पण की अनुमति नहीं थी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कोरोना संकट के बीच राज्य सरकार ने सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने की शर्त पर मंदिर खोलने का आदेश दिया है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने देवघर डीसी कमलेश्वर प्रसाद सिंह को दिए गए निर्देश में स्पष्ट रूप से कहा है कि बाबाधाम मंदिर प्रबंधन यह सुनिश्चित करे कि मंदिर परिसर में पंडों के प्रवेश के दौरान कोविड से जुड़ी गाइडलाइन का पूरा पालन किया जाए। उधर, मंदिर के खोले जाने के बाद गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि त्रेता युग से चली आ रही परंपरा बाबा बैद्यनाथ के आशीर्वाद से बच गई। श्रावण मास के आखिरी सोमवार ही सही लोगों को पूजा करने का मौक़ा मिला। उधर, राज्य में कोरोनावायरस के संक्रमण का लगातार बढ़ना जारी है। राज्य में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 12813 हो चुकी है। इनमें 152 मरीजों की मौत हो चुकी है जबकि 4682 स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। मुख्यमंत्री आवास में मिले 17 संक्रमितों में से 13 जैप के जवान हैं। हाल ही में एक ड्राइवर और कर्मी में कोरोनावायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है। पॉजिटिव मिला ड्राइवर उसी बैरक में रहता है जहां जैप के 17 जवान रहते हैं। बताया जा रहा है एहतियात के तौर पर सोमवार को एक बार फिर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन कोरोना जांच करा सकते हैं। इससे पहले इसी महीने सीएम दंपती ने कोरोना जांच कराई थी जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। रांची के प्राइवेट हॉस्पिटल में अब कोरोना संक्रमित या गैर संक्रमित मरीजों को भर्ती करना अनिवार्य होगा। हॉस्पिटल प्रबंधन किसी भी हाल में मरीज को भर्ती करने से इनकार नहीं कर सकते हैं। ऐसा करने वाले हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ प्रशासन कार्रवाई करेगा। यह निर्देश डीसी छवि रंजन ने रविवार को निजी हॉस्पिटल संचालकों के साथ हुई बैठक में दिया। दरअसल, एचबी रोड स्थित सेंटेविटा हॉस्पिटल प्रबंधन ने पिछले दिनों कोरोना संक्रमित मरीज को भर्ती लेने से इंकार कर दिया था। इसे गंभीरता से लेते डीसी ने यह बैठक बुलाई थी। उन्होंने कहा कि निजी हॉस्पिटल पल्ला झाड़ नहीं निकल सकते। सभी हॉस्पिटल प्रबंधन अपने यहां एसिंप्टोमैटिक मरीज के लिए अतिरिक्त बेड की व्यवस्था करें। राज्यभर में कोरोना से मरने वालों की संख्या 163 है जबकि राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 12957 है। इनमें बोकारो के 269, चतरा के 359, देवघर के 324, धनबाद के 528, दुमका के 111, पूर्वी सिंहभूम के 1969, गढ़वा के 444, गिरिडीह के 582, गोड्डा के 134, गुमला के 341, हजारीबाग के 615, जामताड़ा के 85, खूंटी के 82, कोडरमा के 567, लातेहार के 268, लोहरदगा के 250, पाकुड़ के 238, पलामू के 425, रामगढ़ के 393, रांची के 2172, साहेबगंज के 179, सरायकेला के 233, सिमडेगा के 519 और पश्चिमी सिंहभूम के 329 मरीज शामिल हैं। राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों में कुल 4682 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। इनमें बोकारो के 135, चतरा के 158, देवघर के 84, धनबाद के 201, दुमका के 47, पूर्वी सिंहभूम के 581, गढ़वा के 197, गिरिडीह के 206, गोड्डा के 19, गुमला के 103, हजारीबाग के 310, जामताड़ा के 38, खूंटी के 42, कोडरमा के 286, लातेहार के 107, लोहरदगा के 141, पाकुड़ के 79, पलामू के 238, रामगढ़ के 161, रांची के 537, साहेबगंज के 59, सरायकेला के 95, सिमडेगा के 374 और पश्चिमी सिंहभूम के 147 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।

रिपोर्ट : राहुल सिंह

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