राजकुमार तिवारी एक जुनूनी इंसान का नाम है

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आसमां छूने की तैयारी और राजकुमार तिवारी

पुरानी और पौराणिक उक्तियों व तथ्यों से हम प्रायः पल्ला झारते रहे हैं। किन्तु, यही हमारे संबल तथा मार्गदर्शक बनते हैं। जो लोग इस बात को समझ गये और आत्मसात कर लिया, वह चूहादौड़ से मुक्त हो गए, पा ली अपनी मंज़िल। छपरा में जन्मे टाटानगर में पले बढ़े मितभाषी राजकुमार तिवारी ने मायानगरी मुंबई में कुछ ऐसा ही कार्य किया है जो उनको औरों से अलग विशिष्ट बना देता है। राजकुमार किसी रियासत के प्रिंस तो नहीं, मगर, उनकी जीवनशैली एवं जीवन की प्राथमिकताओं ने उन्हें एक राजकुमार जैसी सोच अवश्य प्रदान की है।
राजकुमार तिवारी एक जुनूनी इंसान का नाम है। उसने आसमान में सुराख भले न किया हो, पत्थर तो उछाल ही दिया है। टाटा नगर से उम्मीदों का बंडल लेकर मुंबई पहुंचे राजकुमार की यह संघर्ष यात्रा आसान न थी। वैसे भी मुंबई की ज़िंदगी आसान नहीं होती। किन्तु, इस्पात नगरी (टाटा नगर .. जमशेदपुर) में पले बढ़े इस नौजवान को परेशानियों ने हताश नहीं वरन् मजबूत किया। यह 1997 की बात है। और 1999 आते आते तिवारी फिल्मकार सुनील दर्शन के प्रोडक्शन हाऊस का हिस्सा बन गए। “जानवर”, “एक रिश्ता – द बॉन्ड ऑफ लव” और “हाँ, मैैंंनेे भी प्यार किया” तक उनके साथ रहे। सामाजिक सरोकारों से जुड़ा यह उद्यमी युवक कुछ अलग कर गुजरने की धुुन में लगा रहता था। सो, एक दशक पश्चात् राजकुमार ने प्रोडक्शन हाउस छोड़ दिया और समाज सेवा के निमित्त एक स्वयंसेवी संस्था – “श्रीमती सरस्वती कामेेेश्वर चैरिटेबल ट्रस्ट” का गठन किया। कई शिविरों का संचालन किया। लेकिन, ये पड़ाव था, मंज़िल तो कहीं और थी। फिर तो खुद्दार राजकुमार ने आय सुनिश्चित करने के लिए डिजाइनिंग का काम भी शुरू कर दिया।

पब्लिसिटी के इस युग में अपनी योजनाओं/ उपलब्धियों को आमजन तक पहुंचाने के लिए प्रकाशन क्षेत्र में भी
प्रवेश करने का निर्णय ले लिया और सन् 2010 आते आते राजकुमार तिवारी ने एक साप्ताहिक पत्र शुरू कर दिया – “मुंबई ग्लोबल”। हिन्दी में शुरू हुआ यह अखबार अब अंग्रेजी में भी प्रकाशित होता है।
“मुंबई ग्लोबल” की लोकप्रियता ने सम्मान समारोह के आयोजन की ओर ध्यान दिलाया। और शुरू हो गया – “मुंबई ग्लोबल अवार्ड”। इसमें फिल्म, टीवी, रंगमंच के अतिरिक्त समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उद्यमी और समर्पित लोगों को अवार्ड प्रदान किया जाता है। यह अवार्ड आयोजन का छठा और ब्यूटी कॉन्टेस्ट का तीसरा वर्ष है। अब आगे “मुंबई ग्लोबल क्लब” बनाने की योजना है। राजकुमार तिवारी ने तो “यंग पावर” एक टेलीविजन सीरिज “यंग पावर” भी शुरू किया था, पर, कुछ कारणवश प्रक्षेपित नहीं हो सका। इसमें पुराने स्टार प्रदीप कुमार थे। साथ में आज के स्टार कोरियोग्राफर डिसूजा ने अभिनय किया था, पहली बार कैमरा फेस किया था।
अभी राजकुमार तिवारी की योजना सम्मान समारोह के साथ साथ सौन्दर्य प्रतियोगिताओं को सीमा पार जाकर भारतीय उद्यमियों, कलाकार, तकनीशियनों को बड़ा प्लेटफार्म देकर उनका और अपने वतन दोनों का नाम और ऊँँचा करने की है।

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